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भारत का एकमात्र “आयुष्मान गोल्ड क्वालिटी” सर्टिफाइड हॉस्पिटल बना हिमालयन

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डोईवाला- स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के अधीन संचालित हिमालयन हॉस्पिटल को

आयुष्मान गोल्ड क्वालिटी सर्टिफिकेट मिला है। यह सर्टिफिकेट मरीजों के गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए दिया जाता है।

कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि हिमालयन हॉस्पिटल को आयुष्मान गोल्ड सर्टिफिकेट मिलना हॉस्पिटल के लिए बड़ी उपलब्धि है।

सेवा के मकसद से ही हिमालयन हॉस्पिटल की स्थापना की गई।

हॉस्पिटल आने वाले मरीजों को अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों के अनुरुप सुविधाएं दी जा रही हैं

हिमालयन हॉस्पिटल में ये सुविधा जनरल सर्जरी, ईएनटी, ऑप्थलमोलॉजी, ऑब्स्टेट्रेक्सि एंड गायनेकोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स

कॉर्डियो सर्जरी, पीडियट्रिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, सर्जिकल ऑनकोलॉजी, मेडिकल ऑनकोलॉजी, रेडिएशन ऑनकोलॉजी, पॉलीट्रॉमा

डेंटल सर्जरी, पीडियट्रिकल कैंसर, क्रिटिकल केयर, जनरल मेडिसिन, पीडियट्रिक्स, नियनोटोलॉजी

कॉर्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, पल्मोनोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, जेनिटोयूरिनरी में दी जा रही है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार इजाफा भी किया जा रहा है।

वहीं, हॉस्पिटल में कार्यरत स्टाफ की भी समय-समय पर ट्रेनिंग भी की जाती है।

हॉस्पिटल कर्मियों की मेहनत की बदौलत ही हमें आयुष्मान गोल्ड सर्टिफिकेट मिला है।

क्या होता है आयुष्मान गोल्ड सर्टिफाइड ?

अटल आयुष्मान योजना (उत्तराखण्ड) निदेशक एडमिनिस्ट्रेशन एवं मेडिकल क्वालिटी की

डॉ.अर्चना श्रीवास्तव ने बताया की आयुष्मान योजना से संबधित अस्पतालों के लिए ब्रोंज

सिल्वर व गोल्ड की तीन श्रेणिया बनाई गई हैं। इन श्रेणियों में गोल्ड श्रेणी में सर्टिफिकेशन सर्वश्रेष्ठ होता है।

गोल्ड सर्टिफिकेशन उन्हीं हॉस्पिटल को दिया जाता है जिन्होंने रोगियों को

उपचार में गुणवत्ता के सर्वोच्च मानक पूरे करने के साथ ही गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सुविधा दी है।

हिमालयन देश का पहला आयुष्मान गोल्ड सर्टिफाइड हॉस्पिटल

कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने बताया कि आयुष्मान गोल्ड सर्टिफाइड के मानक कितने कठिन हैं

इस बात से समझा जा सकता है कि भारत में करीब 650 मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल हैं।

इनमें से हिमालयन देश का एकमात्र टीचिंग हॉस्पिटल है जिसे आयुष्मान गोल्ड सर्टिफाइड होने का दर्जा हासिल हुआ है।

अब तक 35000 से ज्यादा रोगियों का उपचार

कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि अटल आयुष्मान योजना लागू होने के

प्रथम वर्ष में ही हिमालयन हॉस्पिटल के नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई थी।

इस योजना के तहत रोगियों का उपचार करने में देशभर में हिमालयन हॉस्पिटल अग्रणी रहा।

वर्तमान में अब तक 35000 से ज्यादा रोगियों का उपचार किया जा चुका है।

आयुष्मान गोल्ड सर्टिफिकेशन के मानक बेहद कठिन

उत्तराखंड में आयुष्मान योजना से ही जुड़े एमआईएस विशेषज्ञ विशाल नरैन ने बताया कि

हिमालयन हॉस्पिटल की ओर से गोल्ड श्रेणी के लिए आवेदन किया गया था।

हिमालयन अस्पताल ने गुणवत्ता के सारे मानक पूरे करने के बाद यह उपलब्धि हासिल की है।

गोल्ड सर्टिफिकेशन के मानक बेहद कठिन होते हैं।

हिमालयन हॉस्पिटल ने टीम वर्क, कर्माचारियों की ट्रेनिंग, मरीजों के पंजीकरण से छुट्टी तक, उपचार में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण,

ढांचागत सुविधाएं, उपचार करने के तौर-तरीके आदि मानकों के सर्वोच्च स्तर को पूरा किया है।

इसके अलावा सरकार की ओर से क्वालिट ऑडिट, मरीजों से फीडबैक भी लिया जाता है

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