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आज़ादी के 73 वर्ष बाद भी नही बन सकी सनगांव की सड़क, इंतजार में पथराई आंखें

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आज़ादी के 73 वर्ष बाद भी नही बन सकी सनगांव की सड़क, इंतजार में पथराई आंखें

डोईवाला से जावेद हुसैन की रिपोर्ट : डोईवाला विधानसभा में आज सबसे ज्यादा विकास के काम देखने को मिल रहे हैं क्योंकि यह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की विधान सभा है। वीवीआइपी में आती है और इस विधानसभा में मुख्यमंत्री के तमाम सलाहकार निजी सलाहकार के साथ ओएसडी व राज्य मंत्री भी क्षेत्र में इसलिए बने रहते हैं, ताकि डोईवाला के विकास में किसी तरह की कोताही ना हो। लेकिन इसी विधान सभा में पड़ने वाला पहाड़ी क्षेत्र भोगपुर थानों और इससे जुड़े तमाम गांव है जहां आज भी कई समस्याएं हैं।

क्षेत्र के तीन गांव को लग सकते हैं विकास के पंख,  लेकिन…. 

डोईवाला विधान सभा का हिस्सा है पहाड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत सन गांव सिंधवाल गांव और नाहि कला ग्राम पंचायत। इस क्षेत्र में आजादी के बाद से आज तक सड़क नहीं पहुंची है। 11 किलोमीटर दूरी की सड़क अगर बन जाए तो इस क्षेत्र के तीन गांव को विकास के पंख लग सकते हैं। लेकिन वन विभाग का रोडा इस गांव को सड़क से नहीं जुड़ने दे रहे है।

बरसात के दिनों में 3 गांव की समस्या हो जाती है 4 गुनी

डोईवाला तहसील से मात्र 18 किलोमीटर दूर सन गांव सिंधवाल गांव और नाही कला गांव के तमाम लोग महिलाएं बुजुर्ग बच्चे सबको सड़क का इंतजार है। डोईवाला विधानसभा का पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बरसात के दिनों में 3 गांव की समस्या 4 गुनी हो जाती है बीमार व्यक्ति या महिलाओं को कुर्सी में बांधकर कंधो पर ले जाते हैं।तो क्या डोईवाला विधानसभा के वीवीआइपी होने का खामियाजा भुगत रहे हैं।

फॉरेस्ट क्लियरेंस ना मिलने के कारण अटका है सड़क का निर्माण कार्य 

पहाड़ी क्षेत्र के गांव क्योंकि 74 साल के लंबे इंतजार के बाद भी गांव की तीनों गांव की जोड़ने वाली 11 किलोमीटर की सड़क आज तक नहीं बनी। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने बताया की फॉरेस्ट क्लियरेंस ना मिलने के कारण इस सड़क का निर्माण कार्य अटका हुआ है, जबकि सड़क का सर्वे पूर्व में हो चुका है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जब 2017 में डोईवाला के विधायक बने थे और उसके बाद सूबे के मुख्यमंत्री बने तो मुख्यमंत्री ने भी अपनी घोषणा में 11 किलोमीटर लंबी 3 गांव को जोड़ने वाली इस सड़क को प्रमुखता के साथ अपने मेनिफेस्टो में शामिल किया था।

सन गांव नाही कला मोटर मार्ग के निर्माण के लिए लोगों ने किया संघर्ष

सन गांव नाही कला मोटर मार्ग के निर्माण के लिए क्षेत्र के गांव के हजारों लोगों ने लंबा संघर्ष किया तमाम नेताओं से मुलाकात की अधिकारियों से मुलाकात की लेकिन आज तक सड़क की समस्या जस की तस बनी हुई है सड़क न बनने के कारण गांव की बेटियां और बेटों के रिश्ते भी नहीं हो पा रहे हैं गांव के बुजुर्ग चाहते हैं कि उनके अंतिम समय से पहले इस गांव में सड़क आ जाए ताकि जीते जी वह विकास देख ले जिसकी उम्मीद उन्हें वर्षों से थी। शासन प्रशासन को चाहिए कि तत्काल इस सड़क विहीन इस क्षेत्र की सुध ले और गांव को विकास से जोड़े ताकि यहां के बुजुर्गो का लंबा संघर्ष और पथराई आंखों का सपना पूरा हो सके।

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